
बालोद, 29 अक्टूबर
छत्तीसगढ़ का बालोद जिला एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और जनसहभागिता आधारित विकास मॉडल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। ‘जल संचयन, जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0)’ के अंतर्गत बालोद जिले को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले (Best Performing District) के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
राष्ट्रीय जल मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक अर्चना वर्मा ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बालोद जिले की कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पत्र भेजकर कहा कि — “आपका नेतृत्व और दृष्टिकोण जल-सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक प्रेरणास्रोत है। आपके प्रयासों ने न केवल जल संरक्षण में, बल्कि जनमानस में व्यवहार परिवर्तन को भी दिशा दी है।”
श्रीमती वर्मा ने कहा कि कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने समुदाय-नेतृत्व वाले जल संरक्षण मॉडल को बढ़ावा देकर पूरे जिले में जल के प्रति नई चेतना और जिम्मेदारी का भाव जगाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बालोद जिला आगामी ‘जल संचयन, जन भागीदारी अभियान 2.0’ में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराएगा। इस अभियान का लक्ष्य देशभर में 1 करोड़ कृत्रिम पुनर्भरण और जल संरक्षण संरचनाएँ तैयार करना है।
भारत सरकार द्वारा इस उपलब्धि के लिए बालोद जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि जिले में जल संरक्षण, पुनर्भरण और जनजागरूकता के कार्यों को और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में बालोद जिले में जलाशयों, चेकडैम, नालों और तालाबों के पुनर्जीवन के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों को जल प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया। “हर बूंद की कीमत समझना और उसे संजोना ही असली विकास है,” इस विचारधारा को आधार बनाकर प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से बालोद ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
यह सम्मान न केवल बालोद जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणा है कि जब जनभागीदारी, संकल्प और नेतृत्व एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन केवल संभव नहीं, बल्कि स्थायी बन जाता है।




















