
गरियाबंद, 29 अक्टूबर
जिले के कलेक्टर बी.ए. उइके ने आज साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याएं, शिकायतें और मांगें सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने कुल 39 आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमों के अनुरूप शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास, भूमि, बिजली, रोजगार और प्रमाण पत्र से संबंधित विषयों पर आवेदन दिए। ग्राम खरहरी की डिगेश्वरी ने निवास प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की, वहीं ग्राम परसदा जोशी की दामिन सुर्यवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दिलाने की गुहार लगाई। इसी ग्राम की केशर बाई ने अपने नाम को आवास सूची में जोड़ने की मांग रखी।
ग्राम कोठीगांव की हूमन बाई ने अवैध कब्जा हटाने का आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम सातधार की देवंतीन बाई ने गेदावरी में रकबा संशोधन की बात कही। ग्राम चिखली के द्वारिका सिंह ने मजदूरी की राशि दिलाने का अनुरोध किया, जबकि ग्राम कोसमबुड़ा के राम और गणेश भुंजिया ने आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
ग्राम लेडीबहार के ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव में नया स्कूल भवन निर्माण कराने का आग्रह किया। ग्राम छिन्दौला की भागवती ने बिजली बिल की राशि में छूट देने की मांग की। ग्राम जोबा के किसानों ने वन अधिकार भूमि पर फसल पंजीयन से जुड़ी समस्या रखी। इसी तरह ग्राम सेंदमुड़ा के घसियन ने मुआवजा राशि दिलाने और ग्राम सरकड़ा (पाण्डुका) के रामरतन निषाद ने ग्रामीण बैंक से ऋण दिलाने की मांग की।
कलेक्टर उइके ने सभी आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए और जनहित के मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि “जनदर्शन जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद का माध्यम है। हर नागरिक को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।” कलेक्टर ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए और शेष मामलों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंपा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने कलेक्टर के संवेदनशील रवैये की सराहना की और कहा कि जनदर्शन जैसी पहल से आम नागरिकों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का अवसर मिलता है।
प्रभाव:
जनदर्शन कार्यक्रम से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत हुआ है। ग्रामीण अब अपनी समस्याएं खुलकर रख रहे हैं, और कलेक्टर उइके के नेतृत्व में जिले में सुशासन और जवाबदेही की नई मिसाल बन रही है।



















