
कोंडागांव, 28 अक्टूबर
केशकाल विकासखंड के ग्राम पंचायत चारभाटा में पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुपालन को प्रोत्साहित करने और नवीन तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से भव्य पशु मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह आयोजन ग्रामीण अंचल के पशुपालकों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का केंद्र बना, जिसमें सैकड़ों पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सात श्रेणियों में प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण
मेले में पशुओं की सात प्रमुख श्रेणियों — मादा बछिया, दुधारू गाय, सांड, भैंस, बकरी, सुअर, मुर्गी और घोड़े — में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पशुपालकों में बेहतर नस्लों के पालन और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
पशुचारा और तकनीकी जानकारी पर विशेष प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में पशुचारा और पोषण से संबंधित उन्नत विधियों जैसे नेपियर घास, मक्का, सायलेज, अजोला एवं पैरा यूरिया उपचार का प्रदर्शन किया गया। पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, सही आहार और बीमारियों की रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विभागीय योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी साझा की गई, जिससे ग्रामीणों को पशुपालन के क्षेत्र में नई दिशा मिली।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य श्रीमती सुमित्रा नेताम उपस्थित रहीं। उनके साथ सरपंच राजेश नेताम (टाटीरास), फरसू मंडावी (खेतरपाल), अंतूराम मंडावी (डूमरपदर) और श्रीमती दामेश्वरी रावटे (बहीगांव) भी शामिल हुए। मेजबान सरपंच देवीलाल मंडावी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
पशुधन विकास विभाग से उप संचालक डॉ. एम. बी. सिंह, डॉ. सुदरन मरकाम, डॉ. पी. एल. ठाकुर, डॉ. एस. के. नाग, डॉ. चार्ली पोर्ते, डॉ. सीमा मंडावी, डॉ. कस्तूरी प्रधान, डॉ. सुमन उइके तथा डॉ. अनिल ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया। वहीं वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी हेमलाल पदमाकर और उद्यानिकी अधिकारी आर. के. मंडावी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से सार्थक बनाया।
इस आयोजन ने ग्रामीण पशुपालन को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम प्रस्तुत किया और किसानों में आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया।




















