
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारतीय सेना का एक जवान ट्रेन में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से पैसे वसूलता हुआ रंगेहाथ पकड़ा गया। यह पूरा मामला झेलम एक्सप्रेस का है, जो बुधवार को झांसी से ग्वालियर की ओर जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सैनिक की पहचान कमल पांडे के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश में सेना में पदस्थ है। ट्रेन में यात्रा करते हुए उसने खुद को ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) बताकर यात्रियों से पैसे वसूलने शुरू कर दिए। वह बिना रिजर्वेशन यात्रा कर रहे यात्रियों को सीट दिलाने का झांसा देकर उनसे अवैध राशि वसूल रहा था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और इसकी शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कर दी। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा था कि आरोपी यात्रियों से नकद पैसे ले रहा है और सीटें अलॉट करने का दावा कर रहा है।
शिकायत मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तुरंत हरकत में आई और ग्वालियर पहुंचते ही झेलम एक्सप्रेस की बोगी में चढ़कर जांच की। वहां उन्होंने कमल पांडे को यात्रियों से वसूली करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
आरपीएफ ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर उतारा और आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी (Government Railway Police) के हवाले कर दिया।
जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र चंदेलिया ने बताया कि आरोपी सैनिक कमल पांडे सेना में कार्यरत है और वर्तमान में उत्तर प्रदेश में तैनात है। उसकी तलाशी के दौरान पुलिस ने 1620 रुपये नकद बरामद किए हैं, जो उसने यात्रियों से वसूले थे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और प्रतिरूपण (Cheating and Impersonation) की धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और सेना मुख्यालय को भी आरोपी की हरकत की सूचना दे दी गई है।
रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने कहा कि यह मामला न केवल रेलवे सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह यात्रियों के बीच विश्वास तोड़ने वाला भी है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट जांच या किसी वित्तीय लेनदेन के समय अधिकारी का पहचान पत्र अवश्य देखें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
यह पहली बार नहीं है जब किसी ने फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली की हो, लेकिन इस बार आरोपी का सेना से जुड़ा होना मामले को और गंभीर बना रहा है। जीआरपी सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने कबूल किया है कि वह छुट्टी पर आया था और पैसों की जरूरत के चलते इस तरीके से वसूली करने लगा।
फिलहाल कमल पांडे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस जांच कर रही है कि क्या वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा था या अकेले इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बाद ट्रेनों में जांच व्यवस्था और निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


















