
कोरबा, 08 अक्टूबर।
कोरबा जिले में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश पंचायत सचिव संघ, छत्तीसगढ़ की जिला इकाई कोरबा ने जिला पंचायत सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने ठेकेदारों और प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में आकर ईमानदार पंचायत सचिवों के साथ अन्याय किया है। संघ ने इस पूरे मामले में जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह कंवर और सचिव राजकुमार रजक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि जिले के पंचायत सचिव अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा से कर रहे हैं तथा सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीनी स्तर पर लागू कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ सचिवों का स्थानांतरण द्वेषपूर्ण ढंग से किया गया है।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत तानासार के सचिव श्री मोहनचंद्र कौशिक का मामला विशेष रूप से उठाया गया। बताया गया कि उनके खिलाफ पहले की गई जांच में सभी आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए थे, इसके बावजूद उनका स्थानांतरण ग्राम पंचायत सागपातामुड़ा में कर दिया गया। संघ ने आरोप लगाया कि यह स्थानांतरण तथाकथित ठेकेदारों और जनपद अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है, जो कि अत्यंत अन्यायपूर्ण और निंदनीय है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत दुरेना के सचिव सुकलाल बोहान तथा ग्राम पंचायत खैरभंवना के सचिव आनंद सिंह कंवर के साथ भी अनुचित स्थानांतरण कर अन्याय किया गया है। संघ का कहना है कि इन स्थानांतरणों के पीछे पारदर्शिता का अभाव है और कुछ अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर श्रीमान [कलेक्टर का नाम] से मांग की है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में हैं, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार की मंशा को कमजोर कर रहे हैं। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में जिले में सुशासन की दिशा में सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं, किंतु निचले स्तर पर अधिकारियों की मनमानी से सचिव वर्ग में असंतोष व्याप्त है।
संघ ने यह भी कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो सचिव संघ जिला इकाई कोरबा द्वारा 13 अक्टूबर 2025 से कामबंद-कलमबंद आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन से होने वाली प्रशासनिक असुविधा की पूरी जिम्मेदारी जिला पंचायत प्रशासन की होगी।
सचिव संघ ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में राज्य सरकार के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सदैव पंचायत सचिवों के हित में संवेदनशील रहे हैं। सरकार के प्रयासों से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की गति तेज हुई है। संघ ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएंगे, जिससे ईमानदार पंचायत सचिवों का मनोबल बना रहे और शासन की छवि अक्षुण्ण रहे।




















