
करतला। मिली जानकारी के अनुसार करतला विकासखंड के अमलीभांठा गांव में एक आयुर्वेदिक डिग्रीधारी डॉक्टर द्वारा सुरुचि क्लीनिक के नाम से अस्पताल जैसी सुविधाएं चलाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्लीनिक में मरीजों को भर्ती करने, खून जांच कराने और यहां तक कि खून चढ़ाने तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में उजागर हुआ मामला
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान टीम को क्लीनिक में एलोपैथिक दवाइयां, जांच उपकरण और भर्ती मरीज मिले थे। यहां तक कि एक महिला को उपचार हेतु बॉटल चढ़ाई जा रही थी। निरीक्षण के बाद विभाग ने नोटिस तो जारी किया, लेकिन आगे की कार्यवाही अब तक नहीं की गई। इससे स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि संबंधित डॉक्टर को विभागीय संरक्षण प्राप्त है।
पत्रकारों की शिकायत कर दबाने की कोशिश का आरोप
जानकारी के मुताबिक, जब भी इस मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होते हैं, तो क्लीनिक संचालक द्वारा संबंधित पत्रकारों पर शिकायत या दबाव बनाए जाने की बातें सामने आती रही हैं। हाल ही में समाचार कवरेज करने गए पत्रकार प्रमोद गुप्ता और उनके सहयोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिसे स्थानीय लोग मामले को दबाने का प्रयास मान रहे हैं।
पहले भी भेजा गया था लीगल नोटिस
पूर्व में भी जब इस क्लीनिक के संचालन पर सवाल उठाते हुए कई समाचार पोर्टलों ने खबर प्रकाशित की थी, तब संबंधित डॉक्टर की ओर से संपादकों को लीगल नोटिस भेजा गया था। लेकिन आगे कोई परिवाद दायर नहीं किया गया। इससे स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि नोटिस भेजने का मकसद सिर्फ दबाव बनाना था।
जनता में रोष, कार्यवाही की मांग
ग्रामीणों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि क्लीनिक में अस्पताल जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो इस पर स्वास्थ्य विभाग को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, पत्रकारों ने भी मांग की है कि समाचार प्रकाशन को लेकर उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।



















