
कटघोरा। नगर के पुरानी बस्ती स्थित दुर्गा मंदिर के पास रविवार 10 मई 2026 की सायंकाल श्रीमती सुनीता जायसवाल के निवास पर जायसवाल महिला समाज द्वारा मातृ दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृत्व के महत्व, मां के त्याग, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
जायसवाल महिला समाज की जिला अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जायसवाल ने कहा कि मातृ दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मां के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और समर्पण के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि मातृ दिवस की शुरुआत अमेरिकी समाजसेवी ने अपनी मां की स्मृति में की थी, जो आज पूरे विश्व में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि मां ही बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती है। वह बिना किसी अपेक्षा के अपने बच्चों की परवरिश, शिक्षा, संस्कार और देखभाल में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर देती है। मां के स्नेह और मार्गदर्शन के बिना जीवन अधूरा है। सच ही कहा गया है—“मां है तो सब कुछ है, मां नहीं तो कुछ भी नहीं।”
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने मातृत्व के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और सभी माताओं के प्रति सम्मान प्रकट किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष एवं पूर्व अध्यक्ष ललिता डिक्सेना, महिला इकाई कटघोरा की अध्यक्ष रंजू डिक्सेना, सुनीता जायसवाल, मुक्ता जायसवाल, अनीता डिक्सेना, भारती जायसवाल, भावना जायसवाल, रश्मि डिक्सेना, मीना जायसवाल, अर्चना डिक्सेना तथा तेजस्वरी जायसवाल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

जायसवाल महिला समाज ने श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया मातृ दिवस">


















