
बालोद, 15 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बालोद जिले में 22 नवीन सेवा सहकारी समितियों का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिले के सभी संबंधित ग्रामों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में इन समितियों की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में कुल 525 नई सहकारी समितियों के गठन से सहकारिता व्यवस्था अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनके घर के पास ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों को मिलेंगी बहुउपयोगी सुविधाएं
इन नवीन सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज वितरण, नकद लेन-देन, बचत खाता संचालन और माइक्रो एटीएम से राशि आहरण जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। इसके अलावा किसानों को धान विक्रय में भी बड़ी सुविधा होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि और समय की बचत दोनों सुनिश्चित होगी।
पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सहकारिता क्षेत्र में लगातार विस्तार के साथ-साथ पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ रही है। इससे किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है और वे अधिक संख्या में सहकारी संस्थाओं से जुड़ रहे हैं।
जिले के 22 गांवों में हुआ गठन
बालोद जिले के कमरौद, सनौद, डुंडेरा, माहुद अ, सरेखा, तिलोदा, दरबारी नवागांव, खपरी, बम्हनी, ठेमा बुजुर्ग, सुरडोंगर, नलकसा, चिखली, भर्रीटोला, बिटाल, खलारी, चन्दनबिरही, पेंडरवानी, भुरकाभाट, खोलझर, झरनटोला एवं परसाडीह ग्रामों में इन समितियों का गठन किया गया है। सभी स्थानों पर उत्साहपूर्वक शुभारंभ समारोह आयोजित किए गए।
प्रशासन की भूमिका और भविष्य की योजना
उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के शुरू होने से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। खासकर आगामी खरीफ सीजन में धान विक्रय की प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती
इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। किसानों को अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
समृद्ध गांव, सशक्त किसान की ओर कदम
यह पहल न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी गति देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सहकारिता का यह विस्तार छत्तीसगढ़ को ग्रामीण विकास के नए आयामों की ओर ले जा रहा है।





















