
रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन 16 अप्रैल (गुरुवार) को एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रायगढ़ पहुंचेंगे। यह दौरा विशेष रूप से वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हालिया हादसे के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है। मंत्री देवांगन इस दौरान दुर्घटना में घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा भी करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री देवांगन प्रातः 11 बजे नवा रायपुर स्थित अपने निवास से रायगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर लगभग 2 बजे रायगढ़ पहुंचने के बाद वे सीधे शहर के प्रमुख अस्पतालों—फोर्टिस जिंदल अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, बालाजी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज रायगढ़—का दौरा करेंगे। यहां भर्ती वेदांता पावर हादसे के घायलों से वे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका हालचाल जानेंगे तथा चिकित्सकों से उनके उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।
इस दौरान मंत्री मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर उपचार की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

अस्पताल निरीक्षण के पश्चात मंत्री देवांगन दोपहर 3 बजे सर्किट हाउस रायगढ़ पहुंचकर अल्प विश्राम करेंगे। इसके बाद वे शाम 4 बजे रायगढ़ से सक्ती के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 5 बजे सक्ती पहुंचकर रेस्ट हाउस में वे वेदांता पावर लिमिटेड से संबंधित घटना को लेकर जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेंगे।
बैठक में हादसे के कारणों, बचाव कार्यों, सुरक्षा उपायों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मंत्री देवांगन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके
बैठक के पश्चात शाम 5:30 बजे मंत्री सक्ती से कोरबा के लिए रवाना होंगे और रात्रि लगभग 8 बजे कोरबा पहुंचकर विश्राम करेंगे। अपने इस दौरे के दौरान वे संबंधित जिलों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करेंगे।
मंत्री देवांगन का यह दौरा न केवल घायलों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार की गंभीरता को भी उजागर करता है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों को इस दौरे से बड़ी उम्मीदें हैं कि उन्हें न्याय और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।



















