
सक्ति, 15 अप्रैल 2026। सक्ती जिले के सिंघनीपुर स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को शोक और दहशत में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 17 श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 19 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार गूंजने लगी।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। घायलों को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर रायगढ़ के फोर्टिस अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। वे स्वयं कलेक्टर और एसपी से लगातार संपर्क में रहकर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं, जिससे उपचार और सहायता कार्यों में तेजी लाई जा सके।

कलेक्टर टोपनो ने जानकारी दी कि मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक उनके गृहग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन मिलता रहे, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक संकट न आए।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार द्वारा भी मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाएगी। कंपनी प्रबंधन ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को रोजगार देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूरी तरह स्वस्थ होने तक वेतन और काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस हादसे में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के श्रमिकों की मौत हुई है, जो अपने परिवारों का सहारा थे। घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित है, जबकि पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर शोक की लहर है। यह हादसा न केवल कई परिवारों के सपनों को उजाड़ गया, बल्कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की सच्चाई को भी उजागर कर गया है।

वेदांता प्लांट में भीषण विस्फोट: 17 श्रमिकों की दर्दनाक मौत, 19 घायल — सरकार और प्रशासन ने संभाला मोर्चा">
















