
कोरबा, 16 अप्रैल 2026।
नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के स्वागत में कोरबा शहर में भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। टी.पी. नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपनी एकजुटता और उत्साह का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिलाओं द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला और हस्ताक्षर अभियान रहा, जिसने समाज को सशक्त संदेश दिया कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना न केवल ऐतिहासिक निर्णय है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को नई ऊंचाई देने वाला कदम भी है। उन्होंने इसे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

महापौर ने कहा कि इस निर्णय से देश की महिलाएं अब नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेंगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं ने समाज में बेटियों के प्रति दृष्टिकोण को बदला है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है। साथ ही, देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया, विशेष रूप से ‘महतारी वंदन योजना’, जिसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
इस दौरान कई महिला हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्व-सहायता समूह, स्वच्छता दीदी और अन्य योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी मिला है। महिलाओं ने कहा कि अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के निर्णय लेने में सक्षम हैं।

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने हस्ताक्षर कर इस अधिनियम के प्रति समर्थन व्यक्त किया और मानव श्रृंखला बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिला अधिवक्ता, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
यह आयोजन न केवल महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ, बल्कि समाज में जागरूकता और समानता की भावना को भी और अधिक सुदृढ़ करने वाला रहा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कोरबा में भव्य स्वागत, 33% आरक्षण से महिलाओं को मिला सशक्त मंच महिलाओं की ऐतिहासिक एकजुटता—हस्ताक्षर अभियान और मानव श्रृंखला से दिया मजबूत संदेश">


















