
कोरबा/कटघोरा, 20 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील दिल धड़कता है। कटघोरा पुलिस ने एक लावारिस बुजुर्ग के शव का पूरे सम्मान और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 15-16 मार्च की दरमियानी रात रजकम्मा क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे के किनारे एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिला था। सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए आसपास के गांवों और क्षेत्रों में व्यापक पूछताछ की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद मृतक के परिजनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
ऐसी स्थिति में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी परिचय दिया। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में कटघोरा पुलिस ने निर्णय लिया कि बुजुर्ग का अंतिम संस्कार उनके धर्म के अनुसार ही किया जाएगा।

इसके बाद पुलिस टीम ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार कफ़न-दफन की व्यवस्था की। प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, आरक्षक प्रदीप यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने स्वयं आगे बढ़कर शव को कंधा दिया और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कटघोरा के राधासागर के पास नीलगिरी जंगल में पूरी विधि-विधान से दफन क्रिया संपन्न कराई गई।
इस पूरी प्रक्रिया में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी की संवेदनशीलता और नेतृत्व साफ झलकता है। उन्होंने यह दिखा दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभाती है।

यह घटना न केवल पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत करती है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश देती है कि जब कोई अपना नहीं होता, तब पुलिस ही सबसे पहले “अपनों” की भूमिका निभाती है। कटघोरा पुलिस का यह सराहनीय कार्य निश्चित रूप से लोगों के दिलों में विश्वास और सम्मान को और मजबूत करेगा।

मानवता की मिसाल: कटघोरा पुलिस ने लावारिस बुजुर्ग को दिया कंधा, मुस्लिम रीति से किया सम्मानजनक दफन”">



















