
कोरबा। जिले में बहुचर्चित जीजा की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी साले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में पुलिस की मजबूत जांच, सटीक साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी ने न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फैसले के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना दीपका क्षेत्र के अपराध क्रमांक 242/2022 में आरोपी रमेश सिंह कोर्रम (55 वर्ष), निवासी गांधी नगर सिरकी, को अपने जीजा नागेश्वर बिंझवार की हत्या के मामले में दोषी पाया गया। यह घटना 4 अक्टूबर 2022 की शाम करीब 6 बजे की है, जब आरोपी ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने जीजा पर जानलेवा हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि घटना के दिन मृतक नागेश्वर बिंझवार आरोपी के घर आया हुआ था। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। गुस्से में आकर आरोपी ने पहले मृतक को धमकाया और फिर उस पर कंक्रीट के डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण नागेश्वर बिंझवार की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान 5 अप्रैल 2022 को उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दीपका पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच की, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी और टीम की मेहनत से पूरे घटनाक्रम की कड़ी स्पष्ट रूप से सामने आई।
इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने अदालत में स्पष्ट बयान दिया कि आरोपी द्वारा कंक्रीट के डंडे से हमला किए जाने के कारण ही मृतक की मृत्यु हुई। साथ ही मृतक की पत्नी ने भी घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला और मजबूत हुआ।
अतिरिक्त लोक अभियोजक द्वारा अदालत में सशक्त तरीके से पैरवी की गई। उन्होंने सभी साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए आरोपी के अपराध को सिद्ध किया। न्यायालय ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।
माननीय न्यायालय कटघोरा ने 29 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया।
इस पूरे मामले में पुलिस की सक्रियता, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच पाना संभव नहीं है। फैसले के बाद मृतक के परिजनों को न्याय मिलने की संतुष्टि मिली है, वहीं क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ है।
यह कार्रवाई पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने एक जघन्य अपराध में दोषी को सजा दिलाकर न्याय व्यवस्था में आम जनता का भरोसा और बढ़ा दिया है।


















