
कोरबा/कटघोरा।
शहर के व्यस्त जय स्तंभ चौक पर एक मामूली बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। मंगलवार देर रात बारात के दौरान जाम में फंसे वाहनों के बीच रास्ता निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि सड़क पर ही मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई।
बारात की खुशियां बदली अफरा-तफरी में
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जाम के बीच दो पक्षों में पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि हमलावरों ने केवल हाथ-मुक्कों से ही नहीं बल्कि ईंट-पत्थरों से भी हमला किया। इस हिंसक झड़प में दाऊद अली और दानिश अली गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर पर चोटें आई हैं।
राहगीर भी बने शिकार
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे ट्रक चालक पिंटू गुप्ता भी इस झगड़े की चपेट में आकर घायल हो गए, जिससे मौके पर और भी अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की तत्परता, हालात काबू में
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जाम बना विवाद की जड़?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जय स्तंभ चौक पर अक्सर ट्रैफिक अव्यवस्था रहती है, जिससे छोटी-छोटी बहसें बड़े झगड़ों में बदल जाती हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लापरवाह ट्रैफिक व्यवस्था कभी भी बड़ी समस्या बन सकती है।
बढ़ते अपराधों से चिंता
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं, चोरी, नशाखोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
समाज की भूमिका भी अहम
युवाओं में घटते सामाजिक मूल्य और बढ़ती आक्रामकता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदारी की जरूरत बताई जा रही है।
जांच जारी, सच्चाई का इंतजार
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर इस विवाद की असली वजह क्या थी और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।



















