
कोरबा, 12 जनवरी 2026/
जिले में आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा परिणामों तथा निर्माणाधीन अधोसंरचना कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट कहा कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के परिणामों में निरंतर सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रभावी शिक्षण रणनीति, नियमित मूल्यांकन, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान और विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही आदिवासी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकती है।
कलेक्टर ने विशेष रूप से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरी के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह विद्यालय जिले की पहचान है और यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को और बेहतर बनाना आवश्यक है। उन्होंने शैक्षणिक अनुशासन, शिक्षक-विद्यार्थी समन्वय तथा समर्पित शिक्षण प्रयासों के माध्यम से विद्यार्थियों को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने के निर्देश दिए।
बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन भवन कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आदिवासी बालक आश्रम, पोड़ी उपरोड़ा सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा कोनकोना, बिंझरा सहित अन्य स्थानों पर निर्माणाधीन नवीन शैक्षणिक भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए शैक्षणिक सत्र के पूर्व सभी भवन कार्य पूर्ण हों, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाओं के साथ अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।कलेक्टर ने अधीक्षक आवास एवं मिनीमाता बैराज से संबंधित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अभियंताओं को निर्देशित किया कि कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा से पहले पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में समय और गुणवत्ता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्री श्रीकांत कसेर सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभागीय कार्यों की प्रगति से कलेक्टर को अवगत कराया।
यह समीक्षा बैठक स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जिला प्रशासन आदिवासी बच्चों की शिक्षा, सुविधा और भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत का यह सक्रिय और परिणामोन्मुख नेतृत्व जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।


















