
कोरबा। ग्राम पंचायत साजापानी में वर्ष 2019 में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से निर्मित सड़क निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत पर आखिरकार प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। लंबे समय से सड़क की बदहाल स्थिति और निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उठाई जा रही आवाज अब जांच के दायरे में आ गई है।
छत्तीसगढ़ मानव अधिकार जे.जे.एफ. के प्रदेश सचिव शिवचरण चौहान द्वारा कलेक्टर कोरबा को लिखित शिकायत सौंपकर बताया गया था कि ग्राम साजापानी में केंगामाड़ा से गौटियापारा तक लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी थी। वर्तमान में सड़क का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है तथा नाले पर बना पुल भी दरारों से प्रभावित बताया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि सड़क का उचित रखरखाव नहीं होने के कारण कुछ लोगों द्वारा अपशिष्ट पानी सड़क पर बहाया जा रहा है, जिससे सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
लगातार शिकायत और जनहित के मुद्दे को उठाने के बाद जनपद पंचायत करतला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच दल गठित किया है। जारी आदेश के अनुसार 4 जून 2026 को दोपहर 12 बजे ग्राम पंचायत साजापानी में जांच की जाएगी। संबंधित सचिव, सरपंच एवं अन्य अधिकारियों को समस्त दस्तावेजों सहित उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। वहीं शिकायतकर्ता शिवचरण चौहान ने कहा कि जनहित और विकास कार्यों में पारदर्शिता के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 4 जून को होने वाली जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार कौन है और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

साजापानी सड़क घोटाले की जांच के आदेश, शिकायतकर्ता की पहल रंग लाई">



















