
कटघोरा/चाकाबुड़ा। ग्राम चाकाबुड़ा में एसीबी क्षेत्र से बहकर तालाब और आसपास के इलाकों में पहुंच रहे रखड़ (फ्लाई ऐश) को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार फैल रहे प्रदूषण, उड़ती धूल और दूषित पानी से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया और वाहनों की आवाजाही बंद करवा दी। गांव में भारी आक्रोश का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि रखड़ बहकर तालाब तक पहुंच रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है और गांव में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। धूल-धक्कड़ से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों ने मांग उठाई कि एसीबी प्रबंधन तत्काल ऊंची बाउंड्री वॉल का निर्माण कराए, ताकि रखड़ तालाब तक न पहुंचे और गांव का वातावरण सुरक्षित रह सके। साथ ही पचरी और आसपास की तत्काल साफ-सफाई कराने की भी मांग की गई।

आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता आरती नरेंद्र साहू को बुलाया। सूचना मिलते ही नरेंद्र साहू तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के बीच खड़े होकर उनकी आवाज बुलंद की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नरेंद्र साहू ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और एसीबी प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि गांव की जनता वर्षों से प्रदूषण की मार झेल रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं।
ग्रामीणों के बीच नरेंद्र साहू की सक्रिय भूमिका और संवेदनशीलता की जमकर चर्चा रही। बिना किसी जनप्रतिनिधि पद पर रहते हुए भी वे जनता के सुख-दुख में लगातार खड़े नजर आ रहे हैं। चाकाबुड़ा में भी उन्होंने ग्रामीणों की आवाज बनकर यह साबित कर दिया कि जनसेवा केवल पद से नहीं, बल्कि जज्बे और संवेदनशीलता से होती है।
गांववासियों ने स्पष्ट कहा है कि अब वे अपने स्वास्थ्य और जलस्रोतों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि एसीबी प्रबंधन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।


















