
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 अप्रैल 2026।
जिले की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने “ज्ञान भारतम् अभियान” के तहत नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान देशभर में बिखरी अमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण, सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का एक व्यापक प्रयास है, जिससे भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखा जा सके।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने बताया कि यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागज, लकड़ी, पत्थर और ताम्रपत्र जैसे माध्यमों पर लिखी दुर्लभ हस्तलिखित लिपियों की पहचान कर उन्हें संरक्षित करना है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उनके पास इस प्रकार की कोई भी पुरानी पांडुलिपि या जानकारी हो, तो वे आगे आकर इसकी सूचना प्रशासन को दें।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर, विज्ञान, दर्शन और साहित्य का विशाल भंडार इन पांडुलिपियों में निहित है। यदि इन्हें समय रहते सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इस अनमोल ज्ञान से वंचित रह सकती हैं। इसलिए यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक सशक्त उदाहरण है।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि इस अभियान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए “ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप” विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपनी पांडुलिपियों की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं, जिससे उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इससे न केवल पांडुलिपियों का संरक्षण आसान होगा, बल्कि उनका अध्ययन और शोध कार्य भी सरल हो जाएगा।
जिले में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सर्वेक्षण, संग्रहण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करेगी। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन की यह कोशिश है कि गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंच बनाकर छिपी हुई धरोहरों को सामने लाया जाए।
हाल ही में कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बिहारी लाल साहू से उनके निवास चांटीपाली में मुलाकात कर पांडुलिपि संरक्षण के विषय में विस्तृत चर्चा भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में कई ऐसी दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं, जिनकी पहचान और संरक्षण से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और मजबूत होगी।
अंत में कलेक्टर ने सभी नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि “ज्ञान भारतम् अभियान” हमारी संस्कृति और विरासत को बचाने का एक सामूहिक प्रयास है। इसमें हर नागरिक की भागीदारी ही इसकी सफलता की कुंजी है।




















