
कोरबा, 25 अप्रैल 2026। औद्योगिक जिले कोरबा में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर ओंकार यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी उद्योगों को सख्ती से नियमों का पालन करना होगा।
अपर कलेक्टर ने कहा कि कोरबा एक प्रमुख औद्योगिक जिला है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और उद्योगों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरण, मशीनें एवं तकनीकी व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हों और नियमित रूप से उनका परीक्षण किया जाए। साथ ही अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरे, बॉयलर सुरक्षा और कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी कहा गया कि औद्योगिक इकाइयों में जहां-जहां कमियां हैं, उन्हें तत्काल सुधारना अनिवार्य होगा। दुर्घटना की स्थिति में रेड, ग्रीन और येलो जोन का निर्धारण करने के साथ-साथ आपातकालीन संपर्क नंबरों को कार्यस्थल पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा तकनीकी कार्यों का सतत निरीक्षण, प्रदूषण नियंत्रण हेतु डस्ट कलेक्शन सिस्टम, फिल्टर एवं जल छिड़काव जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अपर कलेक्टर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार वाहन चालकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच, विशेष रूप से आंखों की जांच कराना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए उद्योगों को समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने होंगे।
पर्यावरण संरक्षण को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई। सभी उद्योगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरचना निर्माण और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए। उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विजय सिंह पोटाई ने पीपीटी के माध्यम से सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं से सीख लेते हुए मॉक ड्रिल, पीपीई किट, हेलमेट, सुरक्षा जूते, इलेक्ट्रिकल एवं केमिकल सेफ्टी जैसे सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी तुलाराम भारद्वाज ने डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान, आपातकालीन संचार व्यवस्था और राहत कार्यों के लिए तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं उद्योग विभाग के अधिकारी विजय कारे ने नई उद्योग नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी देते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया। श्रम अधिकारी नीतीश विश्वकर्मा ने श्रमिकों के वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी और मुआवजा संबंधी नियमों से उद्योगों को अवगत कराया।
बैठक में एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल, अडानी, सीएसईबी, इंडियन ऑयल सहित जिले के सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक सुरक्षा पर सख्ती: कलेक्टर के निर्देश पर पावर प्लांट और उद्योगों की बड़ी बैठक, हादसों की रोकथाम के लिए व्यापक गाइडलाइन जारी">



















