
सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना ने जहां पूरे जिले को झकझोर दिया था, वहीं जिला कलेक्टर संजय कन्नौजे के सख्त और त्वरित एक्शन ने प्रशासन की मजबूत छवि को एक बार फिर साबित कर दिया है। कलेक्टर ने अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते हुए यह दिखा दिया कि जिले में कानून और सम्मान सर्वोपरि है।
घटना उस समय की है जब पत्रकार पोश राम साहू एक किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलने की समस्या को लेकर जिला कृषि कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण पटेल ने अचानक आक्रामक व्यवहार करते हुए पत्रकार के साथ मारपीट कर दी। इस घटना से पत्रकारों में रोष फैल गया और पूरे जिले में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
लेकिन जैसे ही यह मामला कलेक्टर संजय कन्नौजे के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाए। तत्काल जांच के आदेश दिए गए और जांच में दोष सिद्ध होते ही संबंधित अधिकारी प्रवीण पटेल को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर के इस तेज और निर्णायक फैसले ने यह साबित कर दिया कि वे न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बल्कि न्याय के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति सहित कई संगठनों ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर ने उनकी आवाज को गंभीरता से सुना और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि पत्रकारों की गरिमा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर के इस सख्त रुख से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं पत्रकार जगत में खुशी और संतोष का माहौल है। लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि “ऐसा कलेक्टर हर जिले में होना चाहिए” जो तुरंत निर्णय लेकर न्याय दिलाने का साहस रखता हो।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अब लापरवाही या बदसलूकी के लिए कोई जगह नहीं है। कलेक्टर संजय कन्नौजे की कार्यशैली ने यह भरोसा मजबूत किया है कि आम जनता और पत्रकार दोनों ही सुरक्षित हैं और उनकी आवाज दबाने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
असरदार संदेश:
“कलम की ताकत को दबाने की कोशिश करने वालों को मिला करारा जवाब”
“कलेक्टर के सख्त फैसले से न्याय की जीत, प्रशासन की बढ़ी साख”
निष्कर्ष:
कलेक्टर संजय कन्नौजे का यह एक्शन सिर्फ एक अधिकारी का निलंबन नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी है—अब अन्याय नहीं चलेगा, और पत्रकारों का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहेगा।




















