
कोरबा (छत्तीसगढ़)। जिले के एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत शिवाजी नगर, विजय नगर बायपास, दीपका से चाकाबुड़ा, दीपका चौक से हरदीबाजार मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों के कारण इन मार्गों पर धूल, धक्कड़ और गंदगी का ऐसा साम्राज्य फैल गया है कि आमजन का जीना दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन सड़कों पर दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिनमें अधिकांश बिना ढंके (तिरपाल के बिना) कोयला और राख (एश) का परिवहन करते हैं। इससे सड़क पर कोल डस्ट, धूल-राख और कीचड़ की मोटी परत जम गई है। हालात इतने खराब हैं कि बाइक चलाना तक मुश्किल हो गया है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सड़कें बनीं खतरे का जाल
सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और धूल के गुबार से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार फिसलन के कारण दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है।
वायु प्रदूषण से बिगड़ रही सेहत
उड़ती धूल और कोल डस्ट से क्षेत्र में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। लोग सांस, एलर्जी, दमा और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
जाम और दुर्घटना का बढ़ता खतरा
भारी वाहनों की भीड़ के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
प्रशासन से की गई शिकायत, लेकिन कार्रवाई शून्य
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जनता में भारी आक्रोश है।
जनता की मांग — तुरंत हो कार्रवाई
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए
कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को तिरपाल से ढंकना अनिवार्य किया जाए
नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए
सड़क पर फैली गंदगी और कोल डस्ट की सफाई हो
यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती

कोरबा में कोयला ट्रांसपोर्ट बना जनता के लिए मुसीबत — धूल, धक्कड़ और जाम से त्रस्त लोग, हादसे और बीमारियों का बढ़ा खतरा">


















