
कटघोरा ) विश्व पृथ्वी दिवस के पावन अवसर पर संस्कार भारती जिला कोरबा की नगर इकाई कटघोरा द्वारा एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर पालिका गार्डन के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने “भू-अलंकरण महोत्सव” के माध्यम से धरती माता के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संस्कार भारती के जिला उपाध्यक्ष पारसनाथ योगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां धरती को मां का दर्जा दिया गया है। यहां की संस्कृति में हर शुभ और मांगलिक अवसर पर धरती का श्रृंगार करने की परंपरा है, जिसे “भूमि अलंकरण” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम धरती के प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखने के लिए संकल्प लें।
संस्कार भारती के जिला प्रवक्ता शिवशंकर जायसवाल एवं जिला महामंत्री शिव दुबे ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति में भू-अलंकरण की परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विवाह जैसे शुभ अवसरों पर धान और आटे से चौक पूरना, अगहन गुरुवारी जैसे पर्वों में घर के मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक अलंकरण करना, तथा दीपावली में रंगोली बनाना हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने यह भी बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में इस कला को अलग-अलग नामों से जाना जाता है—हरियाणा में चित्तन, राजस्थान में मांडना, उत्तराखंड में एप्पन, बंगाल में अल्पना, तमिलनाडु में कोलम, उड़ीसा में झोटी, केरल में पुगडुम और महाराष्ट्र में रंगोली। यह विविधता भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्धारित डिज़ाइन के आधार पर सुंदर रंगोली का निर्माण किया गया, जिसे संस्कार भारती की कुशल कार्यकर्ता काजल यादव एवं अमृता कंवर ने तैयार किया। अन्य कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्य में उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। रंगोली की सुंदरता ने सभी का मन मोह लिया और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। उपस्थित लोगों ने इस अनूठे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का सफल संयोजन संस्कार भारती के जिला संयोजक एवं कोष प्रमुख राज यादव ने किया। इस अवसर पर भवानी गोपाल, कन्हैया यादव, शिव साहू, संदीप सारथी, विनोद जायसवाल, घनश्याम शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि धरती मां की सेवा और संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। 🌱

धरती मां के श्रृंगार से जागी पर्यावरण चेतना: संस्कार भारती ने मनाया विश्व पृथ्वी दिवस">


















