
कोरबा, 30 दिसंबर 2025/
जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने ग्राम भूलसीडीह में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के स्पष्ट एवं सख़्त निर्देशों के परिपालन में की गई, जिससे बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
तहसीलदार भैसमा श्री के.के. लहरे के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम भूलसीडीह स्थित मेडिकल कॉलेज हेतु आबंटित पार्ट-2 की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कुल 28.00 एकड़ भूमि में से 18.00 एकड़ रकबा को बेजा कब्जों से मुक्त कराया गया। इस दौरान ग्राम के सरपंच एवं ग्रामीणों के सहयोग से कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
कार्रवाई के दौरान राजस्व अमले ने स्थल पर पहुंचकर सीमांकन एवं वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार अवैध कब्जों को हटाया। प्रशासन और ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता से भूमि को सुरक्षित कर मेडिकल कॉलेज निर्माण हेतु संरक्षित किया गया। इस पहल को क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जिला प्रशासन ने ग्राम भूलसीडीह के सरपंच तथा स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दिए गए सहयोग की खुले रूप से सराहना की है। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही इस प्रकार के बड़े सार्वजनिक हित के कार्यों को बिना विवाद और बाधा के पूर्ण किया जा सकता है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इस अवसर पर स्पष्ट संदेश दिया कि शासन द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु स्वीकृत भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों से न केवल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की यह सख़्त नीति यह सुनिश्चित करेगी कि जनहित से जुड़े विकास कार्य बिना किसी अवरोध के समय पर पूर्ण हो सकें।
इस कार्रवाई से मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने के साथ-साथ जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद भी और मजबूत हुई है।




















