
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मल्दा (अ) में प्रस्तावित भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद अब मामला गंभीर होता जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच भूरी लहरे ने दिनांक 25 नवंबर 2025 को कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर प्रस्तावित भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण और खुदाई कार्य को तत्काल रोकने की मांग की है।
सरपंच भूरी लहरे ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत मल्दा (अ) में स्थित भूमि खसरा नंबर- 481/1105 पंचायत द्वारा विकास कार्य हेतु प्रस्तावित की गई थी। इस भूमि को ग्रामीण सुविधा एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए चयनित किया गया था। लेकिन ग्राम के ही कुछ व्यक्तियों—शुकदेव लहरे, शंकर लहरे , शम्में लाल,एवं गणेशराम—द्वारा उक्त भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण हेतु नीव खोदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो कि पूर्णतः गैरकानूनी है।
सरपंच ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तरीय प्रस्ताव के अंतर्गत यह भूमि सार्वजनिक उपयोग हेतु आवंटित की जानी थी। ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा इस भूमि पर कब्जा जमाने या खुदाई करने का प्रयास पंचायत अधिकार क्षेत्र और ग्रामीण हितों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि पंचायत की स्वीकृति के बिना भूमि पर किया जा रहा कोई भी कार्य अवैध माना जाएगा, इसलिए तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

भूरी लहरे ने कलेक्टर से मांग की है कि अवैध कब्जा करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा भूमि पर रोक (स्टे) आदेश जारी कर आगे किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो पंचायत स्तर पर प्रस्तावित विकास कार्य प्रभावित होंगे और ग्रामीणों को सीधे नुकसान उठाना पड़ेगा।
इसके साथ ही सरपंच ने यह भी बताया कि अवैध खुदाई के कारण भूमि की संरचना को नुकसान पहुँच रहा है तथा भविष्य में इस स्थान पर पंचायत द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि सर्वे कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और दोषियों को चेतावनी देकर अवैध गतिविधि बंद कराई जाए।
मामले की जानकारी ग्रामीणों के बीच फैलते ही पंचायत क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक हित की भूमि किसी भी निजी व्यक्ति के कब्जे में नहीं जानी चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सरपंच भूरी लहरे के आवेदन के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन शीघ्र संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को निर्देशित करेगा, ताकि अवैध कब्जा रोका जा सके और प्रस्तावित विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।




















