
संयुक्त सचिव पी. अंबलगन ने समग्र कृषि विकास हेतु समयबद्ध जिला कार्ययोजना तैयार करने दिए निर्देश
कोरबा, 20 नवंबर 2025/
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत चयनित कोरबा जिले में आज रेस्ट हाउस कटघोरा में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री पी. अंबलगन ने जिले में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा की जा रही प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में जिले की कृषि स्थिति, संभावनाओं, चुनौतियों तथा भविष्य की दिशा के संबंध में व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के आरंभ में जिले की कृषि एवं संबद्ध विकास कार्ययोजना, आधारभूत सर्वेक्षण और चिंतन शिविर की वर्तमान स्थिति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। संयुक्त सचिव ने योजनांतर्गत निर्धारित छह प्रमुख लक्ष्यों—
फसल उत्पादकता बढ़ाने,
फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन,
फसल कटाई उपरांत प्रबंधन प्रणाली का सुदृढ़ीकरण,
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,
कृषि ऋण तक आसान पहुंच,
तथा किसानों की आय वृद्धि के नए अवसर विकसित करने—
पर स्पष्ट एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आय संरक्षण अभियान के तहत दलहन व तिलहन उपार्जन बढ़ाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की भागीदारी और बीमा कवरेज विस्तार, जैविक उत्पादों की स्थानीय ब्रांडिंग तथा विपणन को मजबूत करने पर विचार किया गया। तमिलनाडु मॉडल के किसान बाज़ार की तर्ज पर जिले में स्थानीय किसान बाजार व्यवस्था विकसित करने के सुझाव पर भी गंभीरता से चर्चा हुई, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
इसके साथ ही कृषि अवसंरचना कोष के माध्यम से कृषि ऋण सुविधा को सरल बनाने, कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसानों को मूल्य संवर्धन का लाभ दिलाने, उद्यानिकी क्षेत्र में सोलर कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने तथा टपक सिंचाई को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। मछलीपालन क्षेत्र में केज कल्चर और पॉन्ड लाइनर तकनीक से उत्पादन क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विस्तृत विमर्श हुआ।
संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने कृषि विज्ञान केंद्र को तकनीकी मार्गदर्शन की प्रमुख इकाई के रूप में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर जिले की व्यापक और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने ग्राम स्तर पर कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक को बढ़ावा देने और सिंचाई विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर विशेष बल दिया। उप संचालक कृषि कोरबा ने बताया कि चिंतन शिविर और आधारभूत सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है, जिसमें कृषक समूहों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों से संवाद कर सुधार के प्रमुख बिंदु संकलित किए जा रहे हैं। इन्हें अंतिम कार्ययोजना में शामिल कर योजनाबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा श्री दिनेश कुमार नाग, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा श्री तन्मय खन्ना, कृषि एवं संबद्ध विभागों के जिला अधिकारी एवं कर्मचारी, कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर तथा कृषि महाविद्यालय कटघोरा के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।


















