
कटघोरा। प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी गोकुल धाम में केटीजी क्लब के सौजन्य से भव्य गरबा नाइट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 7 बजे माँ अम्बे की प्रतिमा पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विशेष रूप से इस आयोजन में डी.एस.पी. कोरबा डी.के. सिंह तथा थानेदार धर्म नारायण तिवारी की उपस्थिति रही। पूजा के उपरांत जब गरबा की धुनें गूंजने लगीं तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और ढोल-नगाड़ों की लय से झूम उठा।
गरबा नाइट का सबसे खास क्षण तब आया जब नगर के थानेदार धर्म नारायण तिवारी भी खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर उतरकर गरबा की थाप पर थिरकने लगे। पुलिस की गंभीर छवि के बीच यह दृश्य देखकर उपस्थित हजारों की भीड़ ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। इस आयोजन में नगर के छोटे-बड़े, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी गरबा की धुनों पर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम में एस.आई. राजेंद्र सिंह, मुंशी गोपाल यादव, पुलिस स्टाफ, शिवशंकर जायसवाल, आलोक पांडे और केटीजी क्लब से लक्ष्मी गर्ग, प्रशांत अग्रवाल, लक्की गुप्ता, विनय सिंह, अशोक रजक, पंकज दुहलानी, शुभम अग्रवाल एवं विवेक शर्मा भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने डी.एस.पी. डी.के. सिंह की सादगी, मिलनसार स्वभाव और उच्च सोच की सराहना की। सामान्यतः पुलिस विभाग को लेकर लोगों में एक सख्त और दूर रहने वाली छवि होती है, लेकिन डी.के. सिंह अपने व्यवहार और जनहितैषी दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। उनकी यही मानवीय सोच उन्हें आम जनता से जोड़ती है। कहा जाता है कि वे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी संतुलन और धैर्य बनाए रखते हैं। यही कारण है कि वे न केवल अपने कार्यकुशलता से बल्कि लोगों के साथ सौहार्द्रपूर्ण संबंधों के लिए भी लोकप्रिय हैं।
लोगों का कहना है कि डी.के. सिंह की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे हमेशा जनता की समस्याओं को ध्यान से सुनते हैं और समाधान की दिशा में तुरंत कदम उठाते हैं। चाहे सड़क पर किसी आम आदमी की परेशानी हो या किसी सामाजिक संगठन की गतिविधि, वे हर जगह पूरे समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जुड़ते हैं। उनकी यही सोच उन्हें एक “पुलिस अधिकारी” से बढ़कर “जन-हितैषी मार्गदर्शक” की पहचान दिलाती है।
गरबा नाइट जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी उपस्थिति और सहयोग यह दर्शाता है कि समाज और पुलिस के बीच दूरी को कम करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में पुलिस महकमे का व्यवहार भी अधिक संवेदनशील और सहयोगात्मक होता जा रहा है।
कटघोरा के नागरिकों का मानना है कि डी.के. सिंह जैसे अधिकारियों की वजह से पुलिस महकमे की छवि में सकारात्मक बदलाव आया है। उनकी सादगी, हंसमुख स्वभाव और कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता उन्हें हर किसी का प्रिय बनाती है।
यही कारण है कि गरबा नाइट में लोगों ने सिर्फ नृत्य और संगीत का आनंद नहीं लिया, बल्कि उन्होंने एक ऐसे अधिकारी को और करीब से महसूस किया जो वास्तव में समाज की धड़कनों को समझता है।




















