
कोरबा, 07 अप्रैल 2026।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राशन गबन के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। पाली अनुविभाग के ग्राम पंचायत पटपरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न के गबन और गंभीर अनियमितताओं के मामले में अब संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध पुलिस थाना पाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी। यह निर्देश अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड पाली के अंतर्गत आने वाली पटपरा उचित मूल्य दुकान का संचालन महिला जागृति स्व सहायता समूह भोड़कछार द्वारा किया जा रहा था। हाल ही में की गई प्रशासनिक जांच में इस दुकान के संचालन में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। जांच के दौरान पाया गया कि समूह द्वारा राशन वितरण के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई है और बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को उनका खाद्यान्न नहीं दिया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जनवरी 2026 के वितरण रजिस्टर में 562 राशन कार्डधारियों के अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर तो दर्ज कर लिए गए थे, लेकिन वास्तव में 400 से अधिक हितग्राहियों को राशन का वितरण ही नहीं किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां कर खाद्यान्न के गबन का प्रयास किया गया।
इसके अतिरिक्त मार्च 2026 में शासन द्वारा भेजे गए राशन के आवंटन में से भी 154 क्विंटल चावल का वितरण नहीं किया गया। जब प्रशासनिक टीम ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो गोदाम में 50 किलो चावल की कमी भी पाई गई। जांच के दौरान संबंधित समूह द्वारा स्टॉक रजिस्टर और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जांच दल को उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे संदेह और गहरा गया।
प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसडीएम द्वारा खाद्य निरीक्षक पाली को आदेशित किया गया है कि वे इस प्रकरण में संबंधित दोषियों के विरुद्ध पुलिस थाना पाली में आपराधिक मामला दर्ज कराएं, ताकि पूरे मामले की विधिवत जांच हो सके और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिल सके।
प्रशासनिक जांच के आधार पर इस गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार महिला जागृति स्व सहायता समूह भोड़कछार की अध्यक्ष श्रीमती कांति बाई, सचिव श्रीमती अनिता तथा दुकान के विक्रेता श्री रविन्द्र कुमार को नामजद किया गया है। इन तीनों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की विभिन्न कंडिकाओं तथा Essential Commodities Act 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन के तहत दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या गबन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर कड़ी जांच और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि शासन की योजनाओं में भ्रष्टाचार या गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए कानून के अनुसार कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।


















