
कोरबा, 17 अप्रैल 2026।
जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अनुभाग स्तर पर टास्क फोर्स और समितियों का गठन कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य जिले में बिखरी हुई प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके।
कलेक्टर कार्यालय कोरबा के निर्देशन में इस अभियान की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। अपर कलेक्टर कटघोरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में गठित इस समिति में संबंधित तहसीलदार को सचिव सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

प्रशासन ने इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से स्थानीय जानकारों, समाजसेवियों, पत्रकारों, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर जानकारी का बेहतर संकलन संभव होगा, बल्कि पाण्डुलिपियों के संबंध में पारंपरिक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों का अनुभव भी अभियान को मजबूती प्रदान करेगा।
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियों में अनुविभाग स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करना, पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन एवं सर्वेक्षण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना, सर्वेक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना तथा संपूर्ण अभियान की सतत निगरानी करना शामिल है। इसके साथ ही समिति यह सुनिश्चित करेगी कि चिन्हित पाण्डुलिपियों का सही तरीके से दस्तावेजीकरण किया जाए और उनकी जानकारी सुरक्षित रूप से संकलित हो।

प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इस अभियान को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित करें। इस संबंध में 25 अप्रैल 2026 तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है, जिससे अभियान की स्थिति का आकलन कर आगे की रणनीति बनाई जा सके।
यह पहल न केवल जिले की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि शोधार्थियों, इतिहासकारों और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में कार्य करेगी। ‘ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ के माध्यम से कोरबा जिला अपनी ऐतिहासिक पहचान को सहेजने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को गति: कोरबा में अनुभाग स्तरीय टास्क फोर्स गठित, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम">















