
कोरबा, 25 मार्च 2026/
नगर पालिका निगम क्षेत्र के सेमीपाली-जमनीपाली निवासी 32 वर्षीय श्री सूरज कुमार के जीवन में मोट्राइज्ड ट्राईसाइकिल ने एक नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की किरण जगाई है। जन्म से 100 प्रतिशत अस्थि-बाधित दिव्यांग होने के कारण उनका जीवन अब तक कठिनाइयों और संघर्षों से भरा रहा। दो पैरों से पूर्णतः दिव्यांग होने के चलते दैनिक कार्य, आवागमन और सामान्य जीवन जीना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
इन परिस्थितियों के बावजूद सूरज कुमार ने कभी हिम्मत नहीं हारी। बेहतर जीवन की चाह में उन्होंने 14 मार्च 2026 को आयोजित लोक अदालत में पहुंचकर मोट्राइज्ड ट्राईसाइकिल की मांग रखी। उनकी इस आवश्यकता को छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग ने गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत उसी दिन उन्हें मोट्राइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी।
यह ट्राईसाइकिल उप-संचालक के मार्गदर्शन में तथा श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी (एम.आर.ए.) के सहयोग से निःशुल्क प्रदान की गई। ट्राईसाइकिल मिलते ही सूरज कुमार के जीवन में जैसे नया उजाला आ गया। अब वे आसानी से अपने दैनिक कार्य कर पा रहे हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सूरज कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे इस ट्राईसाइकिल की मदद से अपने काम खुद कर सकेंगे और स्व-रोजगार के जरिए समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उनके चेहरे की मुस्कान उनके बदले हुए जीवन की कहानी बयां कर रही है।
यह मोट्राइज्ड ट्राईसाइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके लिए आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गई है।





















