
पोडी उपरोड़ा/कोरबा।
ग्राम पोडी उपरोड़ा के बाजार क्षेत्र में शासकीय भूमि पर खुलेआम कब्जा कर चिकन सेंटर संचालित किए जाने का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है।
जानकारी के अनुसार, पोडी उपरोड़ा निवासी रविन्द्र कुमार पटेल ने डेंजर जोन माने जाने वाले क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से दुकान खड़ी कर ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थल पर पूर्व में कई दुर्घटनाएँ घट चुकी हैं और दुकान के चलते लगातार भीड़-भाड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि ठीक उसी स्थान पर जल संसाधन विभाग द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश की प्रथम महिला सांसद की प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव है। विभाग द्वारा प्रतिमा हेतु चबूतरा निर्माण भी करा लिया गया है, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के चलते अवैध कब्जाधारी अब तक हटाया नहीं गया है।
जनता ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक अधिकारी मामले को जानने के बावजूद मूकदर्शक बने हुए हैं। जनता का कहना है कि जब शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी उपयोग वर्जित है, तो फिर संबंधित अधिकारी कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं?
हसदेव पत्रकार परिसंघ के जिला उपाध्यक्ष विनोद कुमार बरेठ ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि “अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाना चाहिए, अन्यथा यह न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती होगा बल्कि जनभावनाओं का भी खुला अपमान होगा।”
जनता बनाम अधिकारी
इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। आमजन का कहना है कि सरकार की नीतियाँ स्पष्ट हैं—शासकीय भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पोडी उपरोड़ा द्वारा कार्रवाई न करना कहीं न कहीं संदेह पैदा करता है कि अधिकारी स्वयं कब्जाधारी को संरक्षण दे रहे हैं।
जनता की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि तुरंत अवैध कब्जा हटाया जाए और लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए




















