
कोरबा, 17 अप्रैल 2026।
जिले में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर कार्यालय (जिला योजना एवं सांख्यिकी) द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुसार अब सांसद निधि से स्वीकृत सभी कार्यों के भुगतान पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (टीडीएस) सहित अन्य वैधानिक कटौतियां अनिवार्य रूप से की जाएंगी।
यह निर्णय भारत सरकार के सांसद निधि प्रभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य शासकीय व्यय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।
जारी आदेश के तहत नगर पालिक निगम कोरबा, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा विभिन्न जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित सभी संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे कार्यों के भुगतान के समय नियमानुसार टीडीएस एवं अन्य आवश्यक करों की कटौती सुनिश्चित करें। इसके साथ ही काटी गई राशि को निर्धारित समय-सीमा में शासन के खाते में जमा करना भी अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि संबंधित विभाग कटौती की गई राशि के चालान और प्रमाण पत्र की प्रति जिला योजना कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया का सही रिकॉर्ड संधारित किया जा सके। इससे न केवल वित्तीय लेन-देन की निगरानी सुदृढ़ होगी, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को भी कम किया जा सकेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले व्ययों में पारदर्शिता बनाए रखना, वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करना तथा वैधानिक कर देयताओं का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करना है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शासन के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के साथ इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि सांसद निधि से संचालित विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
















