
कोरबा, 27 मार्च 2026/
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन को समय पर बेहतर उपचार और सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो, अस्पताल निर्धारित समय पर संचालित हों तथा चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने मानव संसाधन की कमी को गंभीरता से लेते हुए एनएचएम के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती पूर्ण करने के निर्देश दिए, साथ ही डीएमएफ से नियुक्त विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया।

टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संदिग्ध मरीजों की शीघ्र जांच, उपचार और लक्ष्य पूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निक्षय मित्र योजना में सक्रियता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड निर्माण में प्रगति लाने के लिए उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे कर वंचित हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर कलेक्टर ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने एएनसी पंजीयन बढ़ाने, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से संचालित करने और यू-विन पोर्टल पर डेटा एंट्री समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) की समीक्षा में कलेक्टर ने शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने और हितग्राहियों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए ठोस रणनीति अपनाने, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और प्रभावित परिवारों को उचित परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधोसंरचना विकास की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों, भवनविहीन केंद्रों के निर्माण, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार और अन्य आवश्यक सुविधाओं जैसे बाउंड्रीवाल, बोरवेल एवं एप्रोच रोड के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कर पूर्णता प्रमाण पत्र जमा करने और विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में दिनेश नाग, सीईओ जिला पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी सहित सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों और सतत मॉनिटरिंग से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि आमजन को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में कसावट लाने कलेक्टर का सख्त रुख: गुणवत्ता, समयबद्धता और शत-प्रतिशत लक्ष्य पर दिया जोर">




















