
कोरबा, 27 मार्च 2026/
किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता और समृद्धि को केंद्र में रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
इन्हीं योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है। यह राशि खेती-किसानी के आवश्यक कार्यों जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कोरबा जिले के ग्राम रिसदा निवासी कृषक मोतीलाल यादव इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। खेती के दौरान आने वाले छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि एक मजबूत सहारा बनती है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
मोतीलाल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कृषि कार्यों में लगातार खर्च होता रहता है, ऐसे में समय पर मिलने वाली यह सहायता किसी “संजीवनी” से कम नहीं है। इससे उन्हें न तो उधार लेने की आवश्यकता पड़ती है और न ही किसी पर निर्भर रहना पड़ता है। अब वे आत्मविश्वास के साथ खेती कर पा रहे हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने उनके जैसे हजारों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्राप्त हुआ है।
यह योजना न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर “खुशहाल किसान, सशक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

खुशहाल किसान, सशक्त छत्तीसगढ़ की पहचान: पीएम किसान सम्मान निधि से मोतीलाल यादव बने आत्मनिर्भर, खेती को मिला मजबूत आधार">




















