
कोरबा, 23 मार्च 2026। जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम छपराही पारा स्थित प्राथमिक शाला में नई शिक्षिका की नियुक्ति से शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। वर्षों से एकलशिक्षकीय व्यवस्था में संचालित यह विद्यालय अब दो शिक्षकों के सहयोग से बच्चों को बेहतर और नियमित शिक्षा प्रदान कर रहा है।
इस विद्यालय में कुल 41 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे वनांचल क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति परिवारों से आते हैं। सीमित संसाधनों और केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। विद्यालय के हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम लंबे समय से अकेले ही सभी कक्षाओं को संभाल रहे थे। एक साथ कई कक्षाओं को पढ़ाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया।
परिस्थितियों में बदलाव तब आया जब प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए ‘युक्तियुक्तकरण’ नीति लागू की गई। इस योजना के तहत अतिशेष शिक्षकों को जरूरतमंद स्कूलों में पदस्थ किया गया, जिससे प्रदेशभर के अनेक स्कूलों को लाभ मिला। इसी पहल के अंतर्गत छपराही पारा विद्यालय को भी नई ऊर्जा मिली।

विद्यालय में शिक्षिका गायत्री कुर्रे की पदस्थापना होने से शैक्षणिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब विद्यालय में कक्षावार पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो रही है। पहले जहां एक शिक्षक को सभी कक्षाओं को एक साथ संभालना पड़ता था, वहीं अब बच्चों को उनके स्तर के अनुसार पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी समझ और रुचि दोनों में वृद्धि हुई है।
नई शिक्षिका के आने से हेडमास्टर को भी बड़ी राहत मिली है। अब वे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ पढ़ाई पर भी बेहतर ध्यान दे पा रहे हैं। विद्यालय में अनुशासन, उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
बच्चों में भी इस बदलाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कक्षा पाँचवीं की छात्राएं सुहानी और अजिया, चौथी की निशा और आराध्या, तथा छात्र रोशन, मनीष और कक्षा तीसरी की सौम्या ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि “नई मैडम के आने से पढ़ाई अब आसान और मजेदार हो गई है।” पहले कई बार समझने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब हर विषय अच्छे से समझ में आने लगा है।
यह उदाहरण दर्शाता है कि सही समय पर शिक्षक की उपलब्धता से शिक्षा व्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव संभव है। छपराही पारा का यह स्कूल अब न केवल बच्चों के लिए ज्ञान का केंद्र बन रहा है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश कर रहा है।

एकल शिक्षक से दो शिक्षकों तक का सफर: छपराही पारा स्कूल में नई शिक्षिका की ज्वाइनिंग से शिक्षा में आया बड़ा सुधार ">



















