
सारंगढ़-बिलाईगढ़।
महिलाओं और बालिकाओं को गंभीर बीमारी सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार जिले में HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान जिला अस्पताल सारंगढ़ में निरंतर संचालित किया जा रहा है। यह अभियान कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर देश में स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में होने वाली दूसरी सबसे बड़ी बीमारी है, जिससे हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। अब जबकि इसके लिए सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है, शासन द्वारा इसे प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है।
जिले में 16 मार्च से इस टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसके अंतर्गत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकीं, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी न करने वाली बालिकाओं को चिन्हित कर टीका लगाया जा रहा है। यह सिंगल डोज वैक्सीन है, जो सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करती है। जिले के तीनों विकासखंडों में कुल 7282 बालिकाओं को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है, जिनका चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण किया जा रहा है।
विशेष बात यह है कि यह टीका बाजार में 3000 से 4000 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध है, लेकिन जिला अस्पताल में इसे पूर्णतः निःशुल्क लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हैं, जिससे अभिभावक निःसंकोच होकर अपनी बेटियों का टीकाकरण करवा सकते हैं।
टीकाकरण के लिए बालिकाओं को आधार कार्ड या कोई अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना आवश्यक है। यदि पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र के आधार पर भी टीका लगाया जा सकता है। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों का पंजीकरण U-WIN पोर्टल पर किया जाता है तथा उन्हें ई-सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है।
सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाता है। इसके लिए जिला अस्पताल में अलग से निगरानी कक्ष भी बनाए गए हैं। यह टीकाकरण प्रतिदिन (रविवार एवं अन्य शासकीय अवकाश को छोड़कर) किया जा रहा है।
कलेक्टर के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से यह अभियान जिले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन ने सभी पालकों से अपील की है कि वे अपनी बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आएं और इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनें।
यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि जागरूक समाज के निर्माण की ओर भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिले में चल रहा यह अभियान आने वाले समय में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मील का पत्थर साबित होगा।



















