
रायपुर/बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बिलाईगढ़ क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जनसमस्या सदन में जोरदार तरीके से गूंज उठी। बिलाईगढ़ की सक्रिय और जनप्रिय विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने अपने क्षेत्र में संचालित पत्थर क्रेशरों से फैल रहे धूल प्रदूषण, पर्यावरणीय खतरे और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव का मुद्दा गंभीरता से उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। तारांकित प्रश्न के माध्यम से उन्होंने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी और क्षेत्र की जनता की पीड़ा को पूरे दमखम के साथ विधानसभा तक पहुंचाया।
विधायक कविता प्राण लहरे ने अपने प्रश्न में उल्लेख किया कि बिलाईगढ़ विधानसभा मुख्यालय सहित दुम्हानी, गोविंदवन, बेलटीकरी और छपोरा जैसे कई गांवों के आसपास संचालित पत्थर क्रेशरों से उड़ने वाली धूल के कारण स्थानीय लोगों को सांस संबंधी समस्याओं, आंखों में जलन तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सड़कों पर धूल की मोटी परत जमने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस समस्या को लेकर अब तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं और उन पर क्या कार्रवाई की गई है।
विधायक लहरे ने सरकार से यह भी जानकारी मांगी कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में कुल कितने पत्थर क्रेशर संचालित हो रहे हैं, उनमें से कितनों को वैध पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त है तथा कितने क्रेशर पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में नियमों के उल्लंघन के मामलों, जारी किए गए नोटिस, लगाए गए जुर्माने और बंद किए गए क्रेशरों की जानकारी भी मांगी, ताकि स्थिति की वास्तविकता सामने आ सके।
सरकार की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग को पत्थर क्रेशरों से संबंधित स्वास्थ्य या सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में कोई विशेष शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार बिलाईगढ़ क्षेत्र में कुल 11 क्रेशर उद्योगों को पर्यावरणीय सहमति जारी की गई है और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर, नियमित जल छिड़काव तथा परिवहन के दौरान सामग्री को तिरपाल से ढककर ले जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही सरकार ने बताया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा कार्ययोजना लागू की गई है और कलेक्टर की अध्यक्षता में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा से जुड़ी बैठकें आयोजित की जाती हैं, ताकि आवश्यक कदम समय रहते उठाए जा सकें।
हालांकि विधायक कविता प्राण लहरे ने इस विषय को विधानसभा में उठाकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि वह अपने क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील और सजग हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो इस मुद्दे को और अधिक मजबूती से उठाया जाएगा।
बिलाईगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी विधायक लहरे की सक्रियता की सराहना की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वह लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सदन में उठाती हैं, जिससे शासन और प्रशासन का ध्यान स्थानीय समस्याओं की ओर जाता है। पत्थर क्रेशरों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा विधानसभा में उठाकर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अपने क्षेत्र की जनता के हितों की आवाज बनने के लिए हमेशा अग्रणी रहती हैं।


















