
शांत और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित कर कलेक्टर ने विद्यार्थियों के भविष्य को दी प्राथमिकता
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
जिले में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने एक दूरदर्शी एवं सराहनीय निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा 2026 के दौरान परीक्षार्थियों को शांत, सुरक्षित और एकाग्र वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है।
शिक्षा और अनुशासन के प्रति प्रशासन की मजबूत प्रतिबद्धता
कलेक्टर द्वारा यह आदेश ध्वनि प्रदूषण (नियमन तथा नियंत्रण) नियम, 2000 एवं छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 के अंतर्गत जारी किया गया है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जिला प्रशासन शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन और एकाग्रता को लेकर कितना सजग है। परीक्षा के समय उत्पन्न होने वाला शोर छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित करता है, ऐसे में यह आदेश समयोचित और जनहितकारी साबित होगा।
आवश्यक परिस्थितियों में सशर्त अनुमति की व्यवस्था
कलेक्टर ने प्रशासनिक संतुलन बनाए रखते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी, सारंगढ़ एवं बिलाईगढ़ द्वारा नियमानुसार सीमित समय, अवधि एवं शर्तों के अधीन अनुमति प्रदान की जा सकेगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि सामाजिक आवश्यकताओं और विद्यार्थियों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।
20 फरवरी से 18 मार्च तक प्रशासन पूरी तरह सतर्क
उल्लेखनीय है कि बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक संभावित हैं। इस अवधि में जिले के समस्त प्रशासनिक अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके। यह निर्णय जिले में कानून-व्यवस्था, शांति और अनुशासन को और मजबूत करेगा।
जनहितैषी सोच की सराहना
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का यह कदम न केवल विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरा है, बल्कि यह संवेदनशील प्रशासन, मजबूत नेतृत्व और सुशासन का भी उदाहरण है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा सकारात्मक हस्तक्षेप निश्चित रूप से जिले की पहचान को नई मजबूती देगा और भविष्य निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद रखा जाएगा

बोर्ड परीक्षार्थियों के हित में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का संवेदनशील निर्णय, ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लगाया प्रतिबंध">



















