
विधानसभा सत्र के दौरान प्रशासनिक सजगता को लेकर कलेक्टर ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च मंच छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। विधानसभा का यह महत्वपूर्ण सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डॉ. संजय कन्नौजे, कलेक्टर सारंगढ़–बिलाईगढ़ द्वारा एक अहम और सराहनीय आदेश जारी किया गया है।
जनहित सर्वोपरि, प्रशासनिक जिम्मेदारी सर्वोच्च
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने जिले के समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विधानसभा सत्र की अवधि के दौरान बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी अधिकारी या कर्मचारी न तो अवकाश पर रहेगा और न ही मुख्यालय छोड़ेगा। यह निर्णय दर्शाता है कि जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर कितनी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
प्रश्नों और प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
विधानसभा सत्र के दौरान तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न, ध्यानाकर्षण सूचनाएं, शून्यकाल, स्थगन प्रस्ताव, आश्वासन, अशासकीय संकल्प, याचिकाएं तथा लोक लेखा समिति से संबंधित पत्राचार प्राप्त होते हैं। इन सभी विषयों पर निर्धारित समय-सीमा में सटीक, तथ्यात्मक एवं त्वरित जवाब देना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। कलेक्टर ने यह सुनिश्चित किया है कि जिले की ओर से कोई भी उत्तर लंबित न रहे और शासन की छवि सशक्त रूप में प्रस्तुत हो।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति से बढ़ी कार्यक्षमता
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए कलेक्टर द्वारा अपर कलेक्टर श्रवण कुमार टंडन को जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी के रूप में वे सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विधानसभा से संबंधित समस्त पत्राचार एवं सूचनाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करेंगे। यह कदम प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को और मजबूत करता है।
अनुशासन, जवाबदेही और सुशासन का उदाहरण
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का यह निर्णय यह स्पष्ट करता है कि जिला प्रशासन अनुशासन, जवाबदेही और सुशासन के मूल मंत्र पर कार्य कर रहा है। इससे न केवल विधानसभा कार्यवाही को मजबूती मिलेगी, बल्कि जनता के सवालों का जवाब भी पूरी गंभीरता से दिया जा सकेगा।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
विधानसभा सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन हर स्तर पर तैयार है। कलेक्टर के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय निश्चित रूप से शासन और प्रशासन की सकारात्मक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार छवि को और सुदृढ़ करेगा। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत के रूप में देखी जा रही है।




















