
रायगढ़।
मंगलवार को शहर में देवांगन समाज द्वारा आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास से ओतप्रोत श्री बूढ़ी माई भव्य कलश यात्रा का आयोजन भव्यता के साथ किया गया। बाजे-गाजे, कर्मा नृत्य और भक्ति गीतों की गूंज के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे नगर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्री हनुमान जी तथा भगवान राधा-कृष्ण की सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।
देवांगन धर्मशाला से हुई कलश यात्रा की शुरुआत
कलश यात्रा का शुभारंभ देवांगन धर्मशाला से हुआ। समाज की परंपरा के अनुरूप विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं के समूह ने कलश धारण कर नगर भ्रमण आरंभ किया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए दरोगा पारा स्थित बूढ़ी माई तालाब पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल भरा गया।
नगर भ्रमण के दौरान दिखा भक्ति और उत्साह का संगम
पवित्र जल भरने के पश्चात कलश यात्रा पुनः शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई देवांगन धर्मशाला लौटी। कोस्टा पारा सहित अनेक स्थानों पर समाजजनों द्वारा कलश लेकर चल रही कन्याओं का विधिवत पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मार्ग में पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
तीन दिवसीय धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन का सफल समापन
उल्लेखनीय है कि युवा देवांगन बूढ़ी माई सेवा समिति एवं महिला समिति देवांगन समाज रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ। 15 फरवरी की शाम शिव बारात एवं शोभायात्रा निकाली गई, 16 फरवरी को गरबा एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन हुआ, जबकि तीसरे दिन कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
विशाल भंडारे में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता
कार्यक्रम के पश्चात देवांगन धर्मशाला में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें देवांगन समाज के साथ-साथ अन्य विभिन्न समाजों के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया।
ओडिशा की झांकियों ने मोहा शहरवासियों का मन
इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में उड़ीसा के राउरकेला एवं झारसुगुड़ा से आई झांकियां रहीं। हनुमान जी तथा भगवान राधा-कृष्ण के भेष में प्रस्तुत झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही देवांगन समाज की आराध्य देवी माता परमेश्वरी एवं अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं।
परंपरा, श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बनी कलश यात्रा
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री बूढ़ी माई की भव्य कलश यात्रा धार्मिक अनुशासन, सांस्कृतिक समृद्धि और सामूहिक उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसने शहरवासियों के लिए यादगार क्षण छोड़े।

भक्ति और उल्लास के साथ निकली देवांगन समाज की श्री बूढ़ी माई भव्य कलश यात्रा, ओडिशा की झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र">




















