
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 17 फरवरी 2026।
जिले में दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कलेक्टरेट सभाकक्ष में बोर्ड परीक्षा से जुड़े उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) दल की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समयपालन और जिम्मेदारी पर विशेष जोर
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने निर्देश दिए कि उड़नदस्ता दल के सभी सदस्य निर्धारित समय पर अपने-अपने निर्धारित केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। किसी भी प्रकार की देरी या अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सतर्कता ही निष्पक्ष परीक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।
परीक्षा दिवस पर विषय शिक्षक की ड्यूटी नहीं
बैठक में यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिस दिन जिस विषय की परीक्षा आयोजित हो, उस दिन संबंधित विषय के शिक्षक की ड्यूटी परीक्षा कार्य में न लगाई जाए। इससे निष्पक्षता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
विद्यालय परिसर में पूर्ण शांति अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में गहरी शांति का वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा के दौरान अनावश्यक आपसी बातचीत, शोर-शराबा या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे पूरे मनोयोग से परीक्षा दे सकें।
प्रश्न पत्र की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने प्रश्न पत्र खोलने की प्रक्रिया को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसकी गोपनीयता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। प्रश्न पत्र खुलने से लेकर वितरण तक सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार ही हों। किसी भी प्रकार की चूक सीधे प्रशासनिक कार्रवाई को आमंत्रित करेगी।
प्रशासनिक समन्वय का सशक्त उदाहरण
बैठक में डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू, ऋचा सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जोइधाराम डहरिया सहित उड़नदस्ता दल के सभी सदस्य उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय और सतर्क निगरानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति संवेदनशील प्रशासन
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का यह स्पष्ट संदेश रहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रशासन की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करना भी है। उनकी सख़्त लेकिन संवेदनशील कार्यशैली से यह स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, कलेक्टर डॉ. कन्नौजे के नेतृत्व में यह बैठक जिले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बोर्ड परीक्षा आयोजन की दिशा में एक मजबूत और भरोसेमंद कदम साबित हो रही है।

परीक्षा की पवित्रता और अनुशासन सर्वोपरि: कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने उड़नदस्ता टीम को दिए सख़्त व स्पष्ट निर्देश">



















