
कोरबा, 20 मार्च 2026।
सरकार की चिरायु योजना एक बार फिर किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। कोरबा जिले के दूरस्थ ग्राम सकदुकला के रहने वाले कक्षा दूसरी के छात्र लक्ष्मीनारायण को इस योजना के माध्यम से नया जीवन मिला है।
लक्ष्मीनारायण पिछले कुछ समय से खेलते-कूदते समय सांस फूलने, बार-बार सर्दी-जुकाम होने और जल्दी थक जाने जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उसके माता-पिता इन लक्षणों को लेकर चिंतित थे, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बड़े इलाज की कल्पना भी नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच विद्यालय में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिरायु टीम पहुंची, जहां जांच के दौरान बच्चे की हृदय गति में असामान्यता पाई गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए टीम ने तुरंत उसके माता-पिता को बुलाकर जानकारी दी। शुरुआत में परिवार घबरा गया और इलाज के खर्च को लेकर परेशान हो गया, लेकिन चिरायु टीम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि योजना के तहत पूरा इलाज निःशुल्क किया जाएगा। इससे परिवार को बड़ी राहत मिली और उम्मीद जगी।
इसके बाद लक्ष्मीनारायण को जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज कोरबा में शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया गया। जांच में हृदय में छेद होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद आगे की पुष्टि और उपचार के लिए उसे रायपुर रेफर किया गया। चिरायु टीम और प्रशासन के सहयोग से उसे रायपुर के वी. वाई. हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका सफल ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद अब लक्ष्मीनारायण पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रहा है। वह फिर से स्कूल जा रहा है और पहले की तरह खेलकूद में भी हिस्सा ले रहा है।
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि चिरायु योजना न केवल बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा भी बन रही है। योजना के माध्यम से समय पर पहचान और निःशुल्क इलाज ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली, जो निश्चित ही समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।




















