
कोरबा, 18 मार्च 2026। जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वित्तीय वर्ष की रणनीति तथा जिला खनिज न्यास (DMF) से स्वीकृत कार्यों की स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि “आउटपुट और आउटकम आधारित” कार्यों पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उसका प्रभाव दिखाई दे।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने द्विफसली क्षेत्र के विस्तार, फसल विविधीकरण और उत्पादन वृद्धि पर जोर दिया। उन्होंने मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट्स के साथ-साथ दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और एग्रीस्टेक पंजीकरण के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि फील्ड स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय की जाए तथा कैम्प लगाकर लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन में तेजी लाने और खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उद्यानिकी विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने ऑयल पाम और पपीता प्लांटेशन के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हांकित कर ठोस प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने मधुमक्खी पालन, मसाला फसलों के विस्तार और शासकीय रोपणियों से आय बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाने पर बल दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में कृत्रिम गर्भाधान, पशु नस्ल सुधार और टीकाकरण कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मोबाइल यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मत्स्य विभाग को स्पान उत्पादन बढ़ाकर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करने तथा अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों को मछली पालन से जोड़कर आय वृद्धि के अवसर सृजित करने पर भी बल दिया गया।
रेशम विभाग को टसर और मलबरी उत्पादन के विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थान चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट शुरू करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने हेतु ठोस पहल करने को कहा।
इसके साथ ही जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सुव्यवस्थित योजना बनाकर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।
कलेक्टर ने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और पूर्ण कार्यों के प्रमाण पत्र तत्काल प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अभी से ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि जिले के किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।





















