
कोरबा, 09 मार्च 2026।
शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर निकले कलेक्टर कुणाल दुदावत के निरीक्षण के दौरान ग्राम लेमरू के आंगनबाड़ी केंद्र में एक बेहद आत्मीय और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। सड़क किनारे स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर नजर पड़ते ही कलेक्टर ने अपनी गाड़ी रुकवाई और अचानक केंद्र के भीतर पहुंच गए।
अचानक पहुंचे कलेक्टर को देखकर आंगनबाड़ी में मौजूद छोटे-छोटे बच्चे और कार्यकर्ता कुछ पल के लिए चौंक गए। बच्चों के चेहरों पर उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी और कमरे में कुछ क्षणों के लिए खामोशी छा गई। बच्चों की झिझक को समझते हुए कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि आपमें से कौन ए-बी-सी-डी सुना सकता है। पहले तो कोई भी बच्चा आगे नहीं आया, लेकिन थोड़ी देर बाद एक बच्चे ने धीमी आवाज में कहा कि उसे सब आता है।
कलेक्टर ने बच्चे को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर आता है तो सबके सामने सुनाओ। बच्चा कुछ देर झिझकता रहा, तब कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा कि जो बच्चा ए-बी-सी-डी सुनाएगा, उसे टॉफी दी जाएगी। यह सुनते ही एक बच्चे ने पूरे आत्मविश्वास के साथ ए-बी-सी-डी सुना दी। बच्चे की इस कोशिश पर कलेक्टर ने “वेरी गुड” कहते हुए सभी बच्चों से ताली बजवाई और स्वयं भी तालियां बजाईं। कलेक्टर की तालियों और मुस्कान ने बच्चों का हौसला बढ़ा दिया और देखते ही देखते पूरे कमरे का माहौल खुशियों से भर गया।

इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से रंगों के नाम भी पूछे और सही जवाब देने वाले बच्चों को टॉफी देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने-लिखने और नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों को सिखाई जा रही आदतों, अक्षर ज्ञान, रंगों की पहचान और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी ली।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुक्तिलता कुजूर से बच्चों के ग्रोथ चार्ट और पोषण ट्रैकर में दर्ज जानकारी की समीक्षा की तथा कुछ बच्चों का वजन भी कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र में दर्ज सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और आंगनबाड़ी समय पर संचालित हो। साथ ही निर्धारित मीनू के अनुसार बच्चों को पोषण आहार नियमित रूप से उपलब्ध कराने और उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने लेमरू में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। कलेक्टर ने एक माह के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने तथा आगामी शैक्षणिक सत्र से नए भवन में आंगनबाड़ी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तालियों की गूंज से खिला बचपन: आंगनबाड़ी में बच्चों ने सुनाई ए-बी-सी-डी, कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला">



















