
लखनऊ, 11 फरवरी।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट 2026-27 पेश करते हुए इतिहास रच दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 9.12 लाख करोड़ रुपये का विशाल बजट प्रस्तुत किया, जो अब तक का प्रदेश का सबसे बड़ा बजट है। यह बजट न सिर्फ आंकड़ों में बड़ा है, बल्कि दृष्टि, दिशा और निर्णय के लिहाज से भी बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है।
इस बजट में सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में रोजगार, निवेश, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी। खास बात यह है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आए इस बजट में युवा, किसान और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया है।
रोजगार और निवेश पर बड़ा फोकस
योगी सरकार ने इस बजट के जरिए प्रदेश को रोजगार हब बनाने का संकल्प दोहराया है। औद्योगिक विकास, स्टार्टअप्स और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं और प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि निजी निवेश बढ़ेगा तो रोजगार अपने आप पैदा होंगे, और इसी सोच के साथ बजट तैयार किया गया है।
शिक्षा और युवाओं के लिए नई उम्मीद
बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी मजबूत आधार देने की कोशिश की गई है। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक संसाधनों के विस्तार, डिजिटल सुविधाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों पर जोर दिया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग प्रोग्राम को और प्रभावी बनाने का प्रावधान किया गया है।
किसानों के लिए राहत और सुरक्षा
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार ने किसानों को भी खास तवज्जो दी है। सिंचाई, कृषि अवसंरचना, फसल सुरक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
योगी सरकार के इस बजट में महिलाओं के उत्थान के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए कमजोर वर्गों को राहत देने पर जोर दिया गया है।
आर्थिक प्रगति का भरोसा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में प्रदेश की आर्थिक प्रगति के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से निकलकर विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
कुल मिलाकर, 9.12 लाख करोड़ का यह बजट योगी सरकार का ऐसा मास्टरस्ट्रोक है, जो विकास, विश्वास और भविष्य की मजबूत नींव रखने का दावा करता है।



















