
कोरबा, 10 फरवरी 2026/
जिले के सर्वांगीण विकास और आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को स्पष्ट, सख्त और जनोन्मुखी निर्देश दिए। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, खनिज और ऊर्जा सहित सभी प्रमुख विभागों की गहन समीक्षा की गई।
किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौपाल के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पोर्टल, खरीफ फसल, दलहन-तिलहन, पाम ऑयल, बागवानी सहित सभी योजनाओं की जानकारी दी जाए। साथ ही केसीसी निर्माण और राजस्व समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पटवारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण को लेकर भी कलेक्टर सख्त नजर आए। ग्रीष्म ऋतु में भू-जल स्तर गिरने की आशंका को देखते हुए पंचायत, जल संसाधन और वन विभाग को जलशक्ति/जलभागीदारी पोर्टल में सभी जल संरचनाओं की जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए। डबरी निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पीएम आवास व कॉलोनियों में जल संरक्षण संरचनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं चलेगी—इस स्पष्ट संदेश के साथ कलेक्टर ने सीएमएचओ को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सिकलसेल, एनसीडी, डायबिटीज, हाइपरटेंशन की शत-प्रतिशत जांच, आयुष्मान, वयोवंदन कार्ड और आभा आईडी निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।
शासकीय कार्यसंस्कृति में अनुशासन लाने के लिए कलेक्टर ने सभी कार्यालयों में आधार-फेस आधारित ऑनलाइन बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनआईसी को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अवैध उत्खनन पर कलेक्टर का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने अवैध रेत, कोयला और खनिज उत्खनन में लिप्त वाहनों की जब्ती और विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पीएम सूर्यघर योजना में प्रगति नहीं होने पर सब इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश देकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कार्य में शिथिलता अब स्वीकार्य नहीं।
कुल मिलाकर, बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत का प्रशासनिक दृष्टिकोण जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत संदेश देता नजर आया, जिससे जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।



















