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कोरबा।
बांगो थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय मासूम के साथ हुई अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, लेकिन इस अंधेरे में बांगो थाना पुलिस की त्वरित, संवेदनशील और सख़्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि कानून अब किसी भी हाल में कमजोरों के साथ खड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही बांगो थाना पुलिस ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। सबसे पहले पीड़िता की सुरक्षा और इलाज को प्राथमिकता दी गई, इसके बाद आरोपी की पहचान कर उसे तेजी से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो यह सोचते हैं कि ग्रामीण इलाकों में कानून का शिकंजा ढीला होता है।
इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के स्पष्ट निर्देशों में पुलिस टीम ने न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया, बल्कि पीड़ित परिवार को भरोसा और सुरक्षा भी प्रदान की। पीड़िता पर किसी भी प्रकार का दबाव न बने, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
सराहनीय यह भी है कि कोरबा पुलिस ने इस घटना को महज़ एक अपराध मानकर फाइल बंद नहीं की, बल्कि जिले के स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों में “गुड टच–बैड टच”, बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया। यह दर्शाता है कि पुलिस केवल अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध को रोकने की दिशा में भी गंभीर है।
आज जब पुलिस व्यवस्था पर अक्सर सवाल खड़े होते हैं, तब बांगो थाना पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के मन में भरोसा जगाती है कि अगर पीड़ित सच के साथ खड़ा हो, तो पुलिस पूरी ताकत से उसके साथ खड़ी रहती है।
यह मामला भले ही समाज के लिए शर्मनाक हो, लेकिन बांगो थाना पुलिस की भूमिका यह साबित करती है कि संवेदनशील पुलिस, सख़्त कानून और जागरूक समाज मिलकर ही मासूमियत पर होने वाले हमलों को रोक सकते हैं।
बांगो थाना पुलिस की यह तत्परता न सिर्फ प्रशंसा की हकदार है, बल्कि पूरे जिले के लिए एक मजबूत संदेश और उदाहरण भी है।





















