
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में नदियों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार गंभीर और सजग नजर आ रहा है। जिले के विभिन्न नदी-नालों और तटवर्ती क्षेत्रों में अवैध बालू उत्खनन की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है और इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।
प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि नदियाँ केवल प्राकृतिक संसाधन ही नहीं, बल्कि जनजीवन, कृषि और भविष्य की जल सुरक्षा का आधार हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा बालू उत्खनन के लिए निर्धारित नियम, टेंडर प्रक्रिया और रॉयल्टी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और शासन के राजस्व की रक्षा हो सके। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों के माध्यम से निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। रात्रिकालीन गश्त, चेक पोस्ट और औचक जांच जैसे कदमों को और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। प्रशासन का उद्देश्य साफ है—नदियों के प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा और आम जनता के हितों का संरक्षण।

अवैध बालू उत्खनन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रशासन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। जलस्तर, कटाव और बाढ़ जैसी संभावित समस्याओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
इस संबंध में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा उठाए गए मुद्दों को भी प्रशासन ने सकारात्मक रूप से लिया है। कलेक्टर, सारंगढ़–बिलाईगढ़ के मार्गदर्शन में निष्पक्ष जांच और नियमसम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
जिला प्रशासन की यह सक्रियता और संवेदनशील दृष्टिकोण दर्शाता है कि शासन न केवल राजस्व संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए नदियों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए भी पूरी तरह तत्पर है। आमजन में यह विश्वास मजबूत हो रहा है कि सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला प्रशासन नदियों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है।



















