
कोरबा, 18 दिसंबर 2025।
कोरबा जिले में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक के बीच एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कटघोरा वन मंडल अंतर्गत एक गांव में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे हाथी द्वारा कुचलकर एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद जहां गांव में शोक और भय का माहौल है, वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह द्वारा दिखाई गई त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल ने शासन के मानवीय चेहरे को सामने लाया है।
हाथी हमले में मृत महिला की पहचान हिना निर्मलकर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया और बिना विलंब किए वन विभाग की टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. पवन सिंह के मार्गदर्शन में मृतका के पति बबलू निर्मलकर को मौके पर ही ₹25,000 की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को तत्काल राहत मिल सकी।
डॉ. पवन सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि शासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने वन विभाग एवं प्रशासन को निर्देशित किया कि मुआवजे की शेष राशि शीघ्र स्वीकृत कर पीड़ित परिवार को प्रदान की जाए।
इस अवसर पर डीएफओ कुमार निशांत, गांव के सरपंच सुरेश कुमार, उपसरपंच राजेश सिंह, विष्णु यादव, शंभू शरण, वन विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में मानव–हाथी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। बीते एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी महिला की मौत है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही गांवों के आसपास लगातार बनी हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
हालांकि, इस कठिन परिस्थिति में शासन एवं प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता सराहनीय रही। डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि संकट की घड़ी में शासन जनता के साथ खड़ा है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, गश्त तेज करने और हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के प्रयास भी जारी हैं।
डॉ. पवन सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस दुखद घटना ने जहां एक ओर मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह की मानवीय संवेदनशीलता और शासन की त्वरित सहायता ने यह विश्वास दिलाया है कि प्रशासन जनता के दुख–दर्द में सहभागी है।




















