
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर।
देश की न्यायपालिका में एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की आगामी 23 नवंबर 2025 को होने वाली सेवानिवृत्ति को देखते हुए केंद्र सरकार ने अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) की नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संबंध में कानून और न्याय मंत्रालय ने न्यायमूर्ति बी. आर. गवई को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें उनसे उनके उत्तराधिकारी के नाम की अनुशंसा (Recommendation) करने का अनुरोध किया गया है। यह प्रक्रिया न्यायपालिका की परंपरागत प्रणाली के तहत होती है, जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले मुख्य न्यायाधीश अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश सरकार को करते हैं।
वरिष्ठता के आधार पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत सबसे आगे
स्थापित परंपरा और न्यायपालिका की नियमावली के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश को अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। वर्तमान में न्यायमूर्ति गवई के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर हैं। ऐसे में उनके देश के अगले और 51वें मुख्य न्यायाधीश बनने की पूरी संभावना है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत अपने कानूनी कौशल, अनुशासन और न्यायिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई में अहम भूमिका निभाई है, विशेष रूप से प्रशासनिक सुधार, नागरिक अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में उनके फैसले चर्चित रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया
भारत में मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत होती है। परंपरानुसार, सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य न्यायाधीश केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपने उत्तराधिकारी का नाम सुझाते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री उस अनुशंसा को राष्ट्रपति के पास अनुमोदन के लिए भेजते हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद औपचारिक रूप से नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाती है।
न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल और योगदान
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई ने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐतिहासिक निर्णय दिए और न्याय प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में अनेक सुधार लागू किए। उन्होंने न्यायिक पहुंच को आसान बनाने, तकनीकी साधनों के उपयोग को बढ़ाने और न्यायिक विलंब को कम करने पर विशेष जोर दिया।
उनके नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल फाइलिंग, वर्चुअल हियरिंग और मामलों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया को मजबूत किया।
कानूनी गलियारों में चर्चा तेज
कानूनी गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि नवंबर के अंत तक देश को नया मुख्य न्यायाधीश मिल जाएगा। सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 11 महीनों का रहेगा, जो न्यायिक सुधारों और संस्थागत पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
यदि सब कुछ तय प्रक्रिया के अनुसार हुआ, तो न्यायमूर्ति सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले सकते हैं।



















