
बिलासपुर, 21 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कोविड-19 काल में सेवा देने वाले कर्मचारियों को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि महामारी के दौरान निजी संस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने वाले कर्मियों को भी भर्ती में 10 बोनस अंक का लाभ दिया जाएगा। साथ ही राज्य शासन को निर्देश दिया गया है कि पात्र अभ्यर्थी को 60 दिनों के भीतर नियुक्ति प्रदान की जाए।
यह मामला कोंडागांव जिले में फार्मासिस्ट पद की भर्ती से जुड़ा है, जहां आवेदक सुनील मरकाम ने आवेदन किया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभाई थी, लेकिन चयन प्रक्रिया में उनके अनुभव को मान्यता नहीं दी गई और उन्हें निर्धारित 10 बोनस अंक से वंचित कर दिया गया। इसके कारण वे चयन सूची से बाहर हो गए।
याचिका में बताया गया कि सुनील मरकाम ने कोविड काल में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त कार्यक्रम के तहत सेवाएं दी थीं। उन्होंने इसके प्रमाण स्वरूप आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे, बावजूद इसके संबंधित विभाग ने उनके अनुभव को स्वीकार नहीं किया। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा 7 दिसंबर 2021 को जारी आदेश में स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि कोविड-19 अवधि के दौरान कम से कम छह माह तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती में अधिकतम 10 बोनस अंक दिए जाएंगे। इसके बावजूद कई मामलों में इस नियम का पालन नहीं हो रहा था।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी ने शासन के साथ मिलकर संचालित कोविड कार्यक्रम में कार्य किया है, तो उसे बोनस अंक देने से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ऐसे कर्मचारियों को 10 बोनस अंक दिया जाना अनिवार्य है।
साथ ही न्यायालय ने राज्य शासन को निर्देशित किया कि याचिकाकर्ता को 60 दिनों के भीतर विधिवत नियुक्ति प्रदान की जाए। इस फैसले को उन सभी उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्होंने कोविड काल में सेवा दी लेकिन भर्ती प्रक्रिया में उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाया।
हाईकोर्ट के इस निर्णय से अब ऐसे अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

कोविड ड्यूटी करने वालों को राहत: बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 10 बोनस अंक और 60 दिन में नियुक्ति का आदेश">


















